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बीजापुर में एंटी-माओवादी अभियान में बड़ी कामयाबी, जंगल से बरामद किए गए ग्रेनेड लॉन्चर के 711 शेल

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Nov 06, 2026 11:42 am IST,  Updated : Nov 06, 2026 11:42 am IST

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में जंगल से ग्रेनेड लॉन्चर के 711 शेल बरामद किए गए हैं। इससे माओवादियों के लॉजिस्टिक्स के लिए बड़ा झटका लगा है। जानें ये पूरा मामला क्या है।

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बीजापुर के जंगल से ग्रेनेड लॉन्चर के 711 शेल बरामद। Image Source : IANS

सुरक्षा बलों ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवाद-विरोधी एक अहम अभियान के तहत केजी हिल्स के पास के एक जंगल से 711 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर शेल बरामद किए हैं। हथियारों का यह जखीरा, जिसके बारे में माना जा रहा है कि इसे माओवादी कैडरों ने छिपाया था, फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस तडापाला से करीब 1.5 किलोमीटर नॉर्थ-वेस्ट में मिला। सूत्रों से मिली पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर, बीजापुर जिला पुलिस, सीआरपीएफ की एक बटालियन और कोबरा यूनिट की एक जॉइंट टीम ने एक स्पेशल सर्च ऑपरेशन चलाया। यह ऑपरेशन एफओबी तडापाला के आसपास के घने जंगलों में चलाया गया, जो उसूर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है।

माओवादियों के लॉजिस्टिक्स को बड़ा झटका

सुरक्षा बलों को इलाके की गहन तलाशी के दौरान केजी हिल्स के पास जंगल में छिपाकर रखे गए बैरल ग्रेनेड लॉन्चर शेल का एक बड़ा जखीरा मिला। सुरक्षा और विस्फोटक हैंडलिंग के तय नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए, सभी 711 शेल को सुरक्षित तरीके से रिकवर कर लिया गया और आधिकारिक रूप से उन्हें जब्त कर लिया गया, ताकि इनके अचानक फटने का कोई खतरा न रहे। अफसरों ने इसे इस क्षेत्र में माओवादियों के लॉजिस्टिक्स के लिए एक बड़ा झटका बताया है।

ग्रेनेड दागने के लिए होता है बीजीएल शेल का इस्तेमाल

गौरतलब है कि बीजीएल शेल का प्रयोग ग्रेनेड दागने के लिए होता है और ये घात लगाकर किए गए हमलों या सुरक्षा शिविरों पर होने वाले हमलों में भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह कामयाब अभियान बस्तर इलाके में छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय बलों की तरफ से खुफिया जानकारी के आधार पर किए जा रहे समन्वित अभियानों की बढ़ती प्रभावशीलता को दिखाता है। प्रशासन ने जनता के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसमें लोकल निवासियों और आने-जाने वालों से फिलहाल कार्रेगुट्टा और उसके आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में न जाने की अपील की गई है।

नागरिकों से की गई जंगल से दूर रहने की अपील

इस क्षेत्र में अभी भी गंभीर खतरा बना हुआ है, क्योंकि यहां विद्रोहियों की तरफ से छोड़े गए आईडी या अन्य विस्फोटक हो सकते हैं। नागरिकों से अपनी सिक्योरिटी के लिए जंगली इलाकों से दूर रहने को कहा गया है। सुरक्षा एजेंसियों के मुातबिक, एक पूर्व-नियोजित स्ट्रैटेजी के तहत, आने वाले वक्त में इस इलाके में व्यवस्थित तरीके से बारूदी सुरंगों और विस्फोटकों को हटाने का ऑपरेशन चलाया जाएगा।

इलाका सुरक्षित किए जाने तक जंगल में लोगों की आवाजाही पर बैन

जब तक पूरे क्षेत्र को पूरी तरह से सुरक्षित नहीं कर लिया जाता, तब तक लोगों की आवाजाही पर बैन लागू रहेगा। संयुक्त सुरक्षा बल क्षेत्र में पूरी तरह मुस्तैद हैं और माओवादी गुटों की तरफ से किसी भी जवाबी कार्रवाई को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रख रहे हैं। पड़ताल के बाद, हथियारों के इस जखीरे के सोर्स और अन्य बरामदगी के बारे में और ज्यादा जानकारी शेयर की जाएगी। इससे पहले हाल ही में 35 लाख के इनामी 6 माओवादियों ने हथियार हथियार डाले थे। साथ ही, जंगल से विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ था।

(इनपुट- IANS)

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